पुस्तकालय पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय जनकपुरी
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Prakram Divas 2026
Prayas January 2026
Year - 7 Month - January 2026 Issue - 73
प्रिय छात्रों, मेरे प्यारे बच्चों!
नमस्कार! आज मैं आपके सामने हूँ, न केवल एक शिक्षक के रूप में, बल्कि आपके मार्गदर्शक, आपके मित्र और आपके सपनों का साथी बनकर। यह स्कूल का वो पवित्र मंच है जहाँ हम सब मिलकर भविष्य की नींव रखते हैं। आप सब—ये चमकते हुए चेहरे, ये उत्सुक आँखें—भारत के भविष्य हो। आप वो बीज हो जो कल विशाल वटवृक्ष बनेंगे। लेकिन याद रखिए, कोई भी वृक्ष रातोंरात नहीं उगता। उसके लिए लगातार पानी, धूप और मेहनत चाहिए। आज मैं आपको प्रेरित करने आया हूँ—उस मेहनत की, उस जज्बे की कहानी सुनाने जो आपको शिखर पर पहुँचा सकती है।
सबसे पहले, सोचिए अपने सपनों के बारे में। क्या आपने कभी रात को जागकर सोचा है कि बड़ा होकर क्या बनना है? डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, खिलाड़ी या शायद कोई उद्यमी? सपने देखना आसान है, लेकिन उन्हें पूरा करना? वो तो एक जंग है! स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था, "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।" प्रिय बच्चों, आज का भारत बदल रहा है। हमारा देश चंद्रयान भेज रहा है, स्टार्टअप्स की बाढ़ आ रही है, AI और टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी बदल रही है। लेकिन ये सब तभी संभव होगा जब आप जैसे युवा आगे आएँगे। आपकी पीढ़ी वो है जो डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का चेहरा बनेगी। लेकिन इसके लिए क्या चाहिए? आत्मविश्वास! हिम्मत! और अटूट मेहनत!
याद रखिए, सफलता कोई जादू नहीं है। ये मेहनत की उपज है। थॉमस एडिसन ने बल्ब का आविष्कार करने से पहले 10,000 बार असफलता देखी। क्या उन्होंने हार मानी? नहीं! उन्होंने कहा, "मैं असफल नहीं हुआ, मैंने बस 10,000 तरीके ढूंढ लिए जो काम नहीं करते।" आप भी असफल होंगे—परीक्षा में कम नंबर आएँगे, स्पोर्ट्स में हारेंगे, दोस्तों से झगड़ा होगा। लेकिन हर असफलता एक सबक है। वो आपको मजबूत बनाती है। मैं आपको अपनी कहानी सुनाता हूँ। जब मैं आपकी उम्र का था, तो मुझे गणित मुश्किल लगता था। स्कूल में टीचर डाँटते, दोस्त हँसते। लेकिन मैंने हार नहीं मानी। रोज़ दो घंटे प्रैक्टिस की। आज वही गणित मुझे आपको पढ़ाने की ताकत देता है। प्रिय छात्रों, आपकी जिंदगी में भी ऐसे मोड़ आएँगे। जब आएँ, तो पीछे मुड़कर मत देखना। आगे बढ़ो!
अब बात करते हैं आज की दुनिया की। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, इंटरनेट—ये सब आपके हाथ में हैं। लेकिन सावधान! ये दोधारी तलवार हैं। एक तरफ ये ज्ञान का खजाना हैं—आप यूट्यूब पर लेक्चर देख सकते हो, ओला क्लास या फिजिक्स वाले पर कोर्स कर सकते हो। दूसरी तरफ, ये समय चुरा लेते हैं। रील्स देखते-देखते घंटे निकल जाते हैं। प्रिय बच्चों, समय अमूल्य है। वो कभी वापस नहीं आता। अलbert आइंस्टीन ने कहा था, "समय ही वो सिक्का है जो जीवन भर खर्च करते रहते हैं।" अपना समय बर्बाद मत करो। रोज़ एक घंटा पढ़ाई के लिए निकालो, एक घंटा खेल के लिए, और बाकी परिवार के साथ। डिजिटल दुनिया में डेटा प्राइवेसी का ध्यान रखो। साइबर बुलिंग से बचो। AI का इस्तेमाल करो, लेकिन उसकी नैतिकता समझो। कलाम सर ने कहा था, "सपने वो नहीं जो आप सोते हुए देखते हो, सपने वो हैं जो आपको सोने न दें।"
शिक्षा के महत्व को कभी मत भूलना। भारत में NEP 2020 आया है, जो आपको नई राह दिखाता है। ये कहता है—रट्टा मारो मत, समझो। क्रिटिकल थिंकिंग सीखो, प्रॉब्लम सॉल्विंग करो। स्कूल सिर्फ किताबें नहीं, जीवन का स्कूल है। यहाँ आप अनुशासन सीखते हो, टीमवर्क सीखते हो, नेतृत्व सीखते हो। याद रखो, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम छोटे से द्वीप से निकले, मिसाइल मैन बने, राष्ट्रपति बने। उनका राज़? पढ़ाई और देशभक्ति। उन्होंने कहा, "अगर आप भारत को विकसित राष्ट्र बनाना चाहते हो, तो सपने देखो, मेहनत करो।" आप भी वैसा ही करो। हर सुबह उठो, लक्ष्य याद करो, और दिन शुरू करो।
अब चुनौतियों की बात। जीवन में बाधाएँ आएँगी। गरीबी, परिवार की जिम्मेदारियाँ, स्वास्थ्य समस्याएँ। लेकिन याद रखो, हर समस्या का समाधान है। महात्मा गांधी ने ब्रिटिश साम्राज्य को हराया बिना हथियार के। उनका हथियार था सत्य और अहिंसा। आपकी ताकत है शिक्षा और इच्छाशक्ति। अगर घर में पैसे की तंगी है, तो स्कॉलरशिप लो। सरकारी ऐप्स जैसे DIKSHA इस्तेमाल करो। अगर बीमारी है, तो हिम्मत रखो। हॉकी के जादूगर धनंजय को जल्दी ही पता चल गया कि उनके एक पैर में समस्या है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। ओलंपिक मेडल जीता। आप भी ऐसा कर सकते हो!
परिवार और दोस्तों का साथ लो। माता-पिता वो पहाड़ हैं जो आपको सहारा देते हैं। उन्हें निराश मत करो। दोस्त चुनो जो आपको ऊपर उठाएँ, नीचे न खींचें। स्कूल में एक्स्ट्राकरिकुलर एक्टिविटीज़ जॉइन करो—डिबेट, डांस, स्पोर्ट्स। ये आपको कॉन्फिडेंस देंगे। और सबसे महत्वपूर्ण, स्वास्थ्य का ध्यान रखो। रोज़ व्यायाम करो, अच्छा खाओ, 8 घंटे सोओ। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क बसता है।
प्रिय छात्रों, भारत का इतिहास गवाह है। चाणक्य ने चंद्रगुप्त को सम्राट बनाया। रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लड़ी। आज भूपेन हाजारीका, सुंदर पिचाई जैसे लोग दुनिया में नाम कमा रहे हैं। आप अगले सुंदर पिचाई हो सकते हो! लेकिन इसके लिए आज से शुरुआत करो। एक छोटा लक्ष्य बनाओ—आज 10 पेज पढ़ लूँगा। कल 20। धीरे-धीरे पहाड़ चढ़ोगे।
मैं आपको एक कहानी सुनाता हूँ। एक गाँव का लड़का था, जिसका नाम था दशरथ मांझी। पहाड़ के कारण गाँव वालों को अस्पताल जाने में मुश्किल होती। उसकी पत्नी की मौत हो गई। फिर उसने हथौड़े से पहाड़ काटना शुरू किया। 22 साल लगे, लेकिन रास्ता बन गया। आज 'माउंटेन मैन' कहलाते हैं। क्या आपमें वो जज्बा है? हाँ न? तो आज वादा करो—मैं मेहनत करूँगा, हार नहीं मानूँगा!
आज का युग डिजास्टर मैनेजमेंट और सस्टेनेबिलिटी का है। जलवायु परिवर्तन, बाढ़, भूकंप—ये चुनौतियाँ हैं। लेकिन आप इंजीनियर बनकर सेफ बिल्डिंग्स डिजाइन कर सकते हो, साइंटिस्ट बनकर क्लाइमेट सॉल्यूशन ढूंढ सकते हो। डेटा प्राइवेसी सीखो, क्योंकि कल आपका डेटा ही आपकी पहचान होगा। AI एथिक्स समझो, ताकि टेक्नोलॉजी मानवता की सेवा करे।
अंत में, प्रिय बच्चों, ये याद रखो—आप अनमोल हो। भगवान ने आपको ये जन्म दिया है कुछ बड़ा करने के लिए। जियो गरिमा से, पढ़ो लगन से, सपने पूरे करो। राष्ट्र के लिए जीयो।
जय हिंद! जय भारत!
धन्यवाद
अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।
आपका पथ-प्रदर्शक
धर्मेन्द्र कुमार
Kendriya Vidyalaya Foundation Day
Kendriya Vidyalaya Foundation Day 2025
Kendriya Vidyalaya Sangathan (KVS) will celebrate its 63rd foundation day on
15th December 2025. KVS was started on 15th December 1963 for the children
of Central Government employees. Originally, KVS was known as Central School.
Initially, KVS had only 20 schools. Today, it runs 1289 schools, 1371183 Students,
56810 employees, 25 regional offices and 5 ZIETs.
1,289 1,371,183 56,810 25
No of schools No. of Students No. of Employees No. of Regional Office Offices
KVS- Logo
Annual Panel Inspection 2025-26
Annual Panel Inspection
PM SHRI Kendriya Vidyalaya Janakpuri
1st & 2nd Shift
04.12.2025
______________________________________________________
On 04.12.2025 (Thursday), the Annual Panel Inspection of PM SHRI KV Janakpuri will be conducted by a galaxy of intellectuals. Through the Annual Inspection, we learn many new things thanks to the observers' suggestions.
"It is a time to inspire and to be inspired."
PM SHRI Kendriya Vidyalaya Janakpuri Delhi welcomes respected Asst. Commissioner Mr. K C Meenaa and all the inspecting team members will inspect our Vidyalaya under their great supervision. Details of the Inspecting teams are:
NAME | DESIGNATION & SCHOOL NAME |
1. Sh. Satish Kumar | Principal, PM SHRI KV Jharonda Kalan |
2. Sh. A K Pathak | Principal, PM SHRI KV Delhi Cantt No. 3 |
3. Sh.Mragendra Srivastava | Principal PM SHRI KV Rajokri |
4. Sh. Sanjay Kumar Jaiswal | Principal PM SHI KV Paschim Vihar |
5. Smt Narmada Jakhar | Vice Principal PM SHRI KV R K Puram Sec-2 |
| 6. Sh Rohit Kumar | HM PM SHRI KV Vikaspuri Shift - 1 |
| 7. Smt Priyanka Arora | HM PM SHRI KV Tagore Garden |
Prayas - December 2025
Year - 7 Month - December 2025 Issue - 72
प्रिय विद्यार्थियों,
आज मैं आप सबके सामने एक बहुत महत्वपूर्ण विषय पर बात करना चाहता हूँ—कैसे हम अपने जीवन में सफल हो सकते हैं, अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं और एक अच्छे इंसान बन सकते हैं।
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि सफलता किसी जादू की छड़ी से नहीं आती, बल्कि मेहनत, लगन, और सही दिशा में प्रयास से मिलती है। जीवन में कई बार हमें असफलता भी मिलती है, लेकिन असफलता से कभी डरना नहीं चाहिए। असफलता हमारे सीखने का मार्ग है, यह हमें मजबूत बनाती है।
मेहनत की कोई जगह नहीं छोड़ो। जब आप मेहनत करते हो, तो सफलता खुद ब खुद आप तक आती है। उदाहरण के लिए महात्मा गांधी, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, और स्टीव जॉब्स जैसे महान व्यक्तियों ने कई बार असफलता का सामना किया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
आप सबके अंदर अपार क्षमता है। अपने आप पर विश्वास रखो, क्योंकि यही विश्वास आपको आपके मंजिल तक पहूँचा सकता है। कभी भी खुद को किसी से कम मत समझो। दुनिया में कोई भी बड़ा काम छोटा नहीं होता।
एक बात हमेशा याद रखें कि पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं है। जीवन की हर परिस्थिति से कुछ नया सीखो, किसी भी अनुभव को अनमोल समझो। क्योंकि ज्ञान वह जगह है जहाँ से आपकी उड़ान शुरू होती है। जितना ज्ञान आप इकट्ठा करेंगे, उतना ही बेहतर निर्णय लेने में सक्षम होंगे।
आज के दौर में टेक्नोलॉजी, विज्ञान, और नए-नए विज्ञान की खोज बहुत तेजी से हो रही है। इसलिए जागरूक बनो, नई चीजें सीखने के लिए हमेशा तैयार रहो। आप जो भी विषय पढ़ रहे हो, उसमें खुद को और बेहतर बनाने की कोशिश करो।
खुद को समय दो, मेहनत करो, लेकिन साथ ही अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखो। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। इसलिए खेलकूद में हिस्सा लो, नियमित व्यायाम करो और सकारात्मक सोच रखो।
यदि आप कभी निराश महसूस करो, तो याद रखो कि हर अंधेरा एक नई सुबह लाता है। जीवन में मुश्किलें आएंगी, लेकिन वे हमें परखने के लिए आती हैं। जो लोग मुश्किलों का सामना करते हैं, वही सच्चे विजेता होते हैं।
अपने लक्ष्य को हमेशा स्पष्ट रखो। जब आप जानते हो कि आपको क्या चाहिए, तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। किसी भी काम को करने से पहले योजना बनाओ, और उसके अनुसार कदम बढ़ाओ। निरंतर प्रयास करो लेकिन धैर्य न खोओ।
अपने परिवार, शिक्षकों और दोस्तों का सम्मान करो। उनके अनुभव से सीखो और जब ज़रूरत हो, मार्गदर्शन मांगने से कभी न हिचको। जीवन में अकेले चलना मुश्किल होता है; साथ मिलकर चलने में ही ताकत होती है।
कभी-कभी असफलता हमें बेहतर मार्ग दिखाती है। इसे नकारात्मक मत समझो, बल्कि इसे सीखने का अवसर मानो। हर बार गिरना असफलता नहीं है, बस संभलकर उठना ही सफलता है।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करो। चाहे पढ़ाई हो, खेल हो या जीवन के अन्य क्षेत्र। ये गुण आपको न केवल एक सफल विद्यार्थी बनाएंगे, बल्कि एक नेक इंसान भी।
अपने सपनों को सच करने के लिए दिन-रात मेहनत करो, लेकिन अपने आचार-व्यवहार में विनम्रता और सादगी न खोओ। जो व्यक्ति सपनों को पूरा करने के साथ-साथ अपनी इंसानियत को भी नहीं भूलता, वह समाज में सम्मानित होता है।
अंत में, मैं यही कहना चाहूंगा कि आपके जीवन का भविष्य आपके आज के निर्णयों और मेहनत पर निर्भर करता है। इसलिए हर दिन कुछ नया सीखो, खुद पर विश्वास रखो, और कभी हार मत मानो।
आप सब में वह ताकत है जिससे आप अपनी तकदीर बदल सकते हो। बस अपनी क्षमता पर भरोसा रखो और अपने सपनों का पीछा करो। सफलता आपके कदम चूमेगी।
जय हिंद वंदे मातरम ।धन्यवाद
अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।
आपका पथ-प्रदर्शक
धर्मेन्द्र कुमार
India Country Introduction
Prayas Nov 2025
Year - 7 Month - November 2025 Issue - 71
प्यारे बच्चों,
आज मैं आप सबके सामने एक ऐसे विषय पर बात करने के लिए उपस्थित हुआ हूँ, जो आप सभी के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है - आपका विद्यार्थी जीवन और उसमें छिपी अपार संभावनाएँ। यह समय केवल किताबें पढ़ने और परीक्षा देने का नहीं है, बल्कि यह वह नींव है जिस पर आपके पूरे भविष्य की इमारत खड़ी होती है। आप सभी एक ऐसे सफर पर हैं, जहाँ हर कदम आपको एक नई दिशा देता है और हर अनुभव आपको एक बेहतर इंसान बनाता है। इस सफर को एक बोझ समझने की बजाय, एक रोमांचक यात्रा के रूप में स्वीकार करें, क्योंकि यही वह समय है जब आप अपने सपनों को हकीकत में बदलने का हौसला पैदा करते हैं।
सपनों को पंख दें
हर इंसान के पास कुछ सपने होते हैं। कुछ छोटे, कुछ बड़े। एक विद्यार्थी के रूप में आपके सपने भी कुछ ऐसे ही होंगे। डॉक्टर बनने का, इंजीनियर बनने का, कलाकार बनने का, या कुछ और। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सपने देखना ही काफी नहीं है? सपनों को हकीकत में बदलने के लिए जरूरत होती है मेहनत, लगन और एक अटूट विश्वास की। जिन लोगों ने इतिहास रचा है, उन्होंने भी पहले सपने देखे थे, लेकिन वे केवल सपने देखकर ही नहीं रुके। उन्होंने उन सपनों को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी।
कठिनाइयों से डरें नहीं
जीवन में मुश्किलें आना स्वाभाविक है। खासकर विद्यार्थी जीवन में, जब परीक्षा का तनाव, प्रतिस्पर्धा का दबाव और भविष्य की चिंता आपको परेशान कर सकती है। लेकिन इन कठिनाइयों से डरना नहीं चाहिए। बल्कि, उन्हें एक चुनौती के रूप में स्वीकार करें। हर चुनौती आपको मजबूत बनाती है। याद रखें, एक योद्धा केवल युद्ध के मैदान में ही नहीं, बल्कि अभ्यास के दौरान भी मजबूत बनता है। इसी तरह, ये छोटी-मोटी मुश्किलें आपके लिए एक अभ्यास की तरह हैं, जो आपको बड़े संघर्षों के लिए तैयार करती हैं।
अनुशासन है सफलता की कुंजी
एक विद्यार्थी के जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व है। अनुशासन का मतलब केवल नियमों का पालन करना नहीं है, बल्कि यह खुद के प्रति ईमानदार रहने की कला है। समय पर पढ़ाई करना, समय पर सोना और जागना, और अपनी जिम्मेदारियों को समझना, ये सब अनुशासन का हिस्सा हैं। एक अनुशासित विद्यार्थी अपने समय का सदुपयोग करना जानता है। वह जानता है कि आज का छोटा सा प्रयास कल एक बड़ी सफलता का रूप ले सकता है। जब आप अपने जीवन में अनुशासन लाते हैं, तो आप खुद-ब-खुद अपने लक्ष्य के करीब पहुँचने लगते हैं।
असफलता से सीखें
असफलता जीवन का एक हिस्सा है। कोई भी व्यक्ति बिना असफल हुए सफलता के शिखर तक नहीं पहुँच सकता। जब आप असफल होते हैं, तो निराश होने की बजाय, यह सोचें कि आपने क्या गलत किया। अपनी गलतियों से सीखें और अगली बार और भी बेहतर करने का प्रयास करें। असफलता आपको सिखाती है कि कौन सा रास्ता सही नहीं था, ताकि आप एक नया और सही रास्ता चुन सकें। याद रखें, "सफलता अथक परिश्रम और अटूट दृढ़ संकल्प की संतान है।"
सकारात्मक सोच
आपकी सोच आपके जीवन की दिशा तय करती है। अगर आप सकारात्मक सोचेंगे, तो आप सकारात्मक परिणाम देखेंगे। अगर आप नकारात्मक सोचेंगे, तो आपके जीवन में हर जगह निराशा ही होगी। एक विद्यार्थी के रूप में, सकारात्मक सोच आपको मुश्किल समय में भी मजबूत बनाती है। जब भी आपको लगे कि आप हार रहे हैं, तो अपने अंदर की शक्ति को पहचानें और खुद से कहें, "मैं यह कर सकता हूँ।"
सही दिशा का चुनाव
आज के समय में कई तरह के करियर विकल्प हैं, और यह समझना मुश्किल हो सकता है कि आपके लिए सबसे अच्छा क्या है। अपने जुनून को पहचानें। उस काम को खोजें जिसे करने में आपको आनंद आता है। जब आप अपने जुनून को अपने पेशे में बदलते हैं, तो काम बोझ नहीं, बल्कि एक आनंदमय अनुभव बन जाता है। इस प्रक्रिया में, अपने शिक्षकों, माता-पिता और अनुभवी लोगों की सलाह लें। लेकिन अंत में, फैसला आपका होना चाहिए, क्योंकि यह आपकी जिंदगी है।
स्वास्थ्य का महत्व
"स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।" यह कहावत बिल्कुल सच है। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ, अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। नियमित व्यायाम करें, पौष्टिक भोजन करें और पर्याप्त नींद लें। एक स्वस्थ शरीर आपको ऊर्जा देता है, जिससे आप अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।
आपका विद्यार्थी जीवन आपके भविष्य का निर्माण करता है। यह वह समय है जब आप खुद को तराशते हैं, अपने कौशल को निखारते हैं और अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। इस यात्रा में आपको कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन उन चुनौतियों से डरने की बजाय, उनसे सीखें और आगे बढ़ें। आप में से हर एक में वह क्षमता है कि आप कुछ भी कर सकते हैं। बस खुद पर विश्वास रखें, अनुशासित रहें, सकारात्मक सोचें और कभी हार न मानें। आपका भविष्य आपके हाथों में है। जाइए, और उसे सुनहरा बनाइए!
जय हिंद वंदे मातरम ।धन्यवाद
अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।
आपका पथ-प्रदर्शक
धर्मेन्द्र कुमार
Dr A P J Abdul Kalam
Dr A P J Abdul Kalam
Types of Conflict
Empowering Your Child's Reading
Gandhi Jayanti
Shashtri Jayanti
Happy Durga Puja 2025
Prayas - October 2025
Year - 7 Month - October 2025 Issue - 70
प्यारे बच्चों,
विद्यार्थी जीवन मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और सुनहरा दौर होता है। यह वह समय होता है जब व्यक्ति के भविष्य की नींव रखी जाती है, और इसी समय में मिले अनुभव, ज्ञान और सीख जीवनभर काम आते हैं। यह काल ज्ञानार्जन, चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास का समय है। इस समय में, छात्रों को कई चुनौतियों और अवसरों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी रास्ते में निराशा, असफलता और हताशा भी आती है, लेकिन यही वह समय होता है जब सबसे ज्यादा प्रेरणा की आवश्यकता होती है। प्रेरणा एक ऐसी शक्ति है जो हमें कठिन समय में भी आगे बढ़ने की ऊर्जा देती है, और हमें हमारे लक्ष्यों की दिशा में प्रेरित करती है।
बड़े सपने देखें
जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने के लिए सबसे पहला कदम है, बड़े सपने देखना। महान एलेनोर रूजवेल्ट ने कहा था, "भविष्य उन लोगों का है जो अपने सपनों की सुंदरता में विश्वास करते हैं"। सपने ही वह ईंधन होते हैं जो हमें रात-दिन मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं। एक विद्यार्थी को यह समझना चाहिए कि उसका सपना केवल अच्छे अंक लाना नहीं है, बल्कि एक ऐसा भविष्य बनाना है जो उसे और उसके समाज को गौरवान्वित करे। जब हम बड़े सपने देखते हैं, तो हम खुद को अपनी वर्तमान सीमाओं से बाहर निकलने के लिए प्रेरित करते हैं। हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि यह असंभव है, बल्कि यह सोचना चाहिए कि "मैं इसे कैसे संभव बना सकता हूँ?"
सफलता का मानचित्र
केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं है; उन सपनों को साकार करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। एक लक्ष्य एक सपने को वास्तविकता के करीब लाता है। लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटना चाहिए ताकि वे प्राप्त करने योग्य लगें। उदाहरण के लिए, यदि एक छात्र का लक्ष्य डॉक्टर बनना है, तो उसे पहले अच्छे अंक लाने, फिर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने और अंत में डॉक्टर बनने के लक्ष्य को छोटे-छोटे चरणों में बाँटना होगा। जब हम अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हैं, तो हम जानते हैं कि हमें किस दिशा में जाना है और हमें क्या करना है। यह स्पष्टता हमें रास्ते में भटकने से बचाती है।
कड़ी मेहनत और समर्पण: सफलता की कुंजी
सफलता का कोई जादुई मंत्र नहीं है, यह तो केवल अथक परिश्रम और अटूट दृढ़ संकल्प का फल है। अगर आप सफल होना चाहते हैं, तो परिश्रम से कभी पीछे न हटें। परिश्रम का अर्थ केवल शारीरिक श्रम नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और समर्पण भी है। छात्र जीवन में यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। हमें अपने अध्ययन में 100% देना चाहिए। यदि हम कड़ी मेहनत नहीं करेंगे, तो हमारी प्रतिभा भी कमजोर पड़ जाएगी। कई बार छात्र परिणाम न मिलने पर निराश हो जाते हैं, लेकिन उन्हें यह याद रखना चाहिए कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। एक दिन, उनकी मेहनत जरूर रंग लाएगी।
समय का सदुपयोग: एक अनमोल खजाना
विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व विशेष रूप से अधिक होता है। यह वह समय है जब व्यक्ति अपने भविष्य की नींव रखता है। यदि विद्यार्थी अपने समय का सही उपयोग करता है, तो वह अपने शैक्षिक जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकता है। एक छात्र को समय का प्रबंधन करना सीखना चाहिए। एक समय सारिणी बनाना, कार्यों को प्राथमिकता देना और समय बर्बाद करने वाली गतिविधियों से बचना बहुत महत्वपूर्ण है। याद रखें, समय राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है। समय एक ऐसा खजाना है जिसे एक बार खोने के बाद वापस नहीं पाया जा सकता।
असफलता से सीखना: हार नहीं, एक सीख
असफलता जीवन का एक हिस्सा है, और यह हमें सिखाती है कि हम कहां गलत थे। असफलता के डर से हार मान लेना सबसे बड़ी असफलता है। एक विद्यार्थी को असफलता को एक सीखने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। जब आप कुछ नया सीख रहे हों, तो गलतियाँ होना स्वाभाविक है। हर गलती हमें एक नया पाठ सिखाती है। इतिहास ऐसे महान लोगों की कहानियों से भरा पड़ा है जो कई बार असफल हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। थॉमस एडिसन ने बल्ब बनाने के लिए हजारों असफल प्रयोग किए, लेकिन हर असफलता ने उन्हें सफलता के करीब पहुंचाया। इसलिए, असफलता को स्वीकार करें, उससे सीखें और फिर से प्रयास करें।
आत्मविश्वास का निर्माण: स्वयं पर विश्वास
आत्मविश्वास सफलता की पहली सीढ़ी है। यदि आप खुद पर विश्वास नहीं करेंगे, तो कोई और आप पर विश्वास नहीं करेगा। आत्मविश्वास कड़ी मेहनत और छोटी-छोटी सफलताओं से आता है। जब हम कोई छोटा लक्ष्य हासिल करते हैं, तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है। आत्मविश्वास हमें चुनौतियों का सामना करने की हिम्मत देता है। यदि एक छात्र को लगता है कि वह किसी कार्य को नहीं कर पाएगा, तो वह वास्तव में उसे नहीं कर पाएगा। लेकिन अगर वह खुद पर विश्वास रखता है, तो वह किसी भी मुश्किल को पार कर सकता है। अपने अंदर की प्रतिभा को पहचानिए और उस पर विश्वास कीजिए।
अनुशासन और संयम: सफलता का मार्ग
छात्र जीवन में अनुशासन का महत्व निर्विवाद है। अनुशासन हमें सही रास्ते पर रखता है और हमें भटकाव से बचाता है। अनुशासन का मतलब केवल नियमों का पालन करना नहीं है, बल्कि स्वयं पर नियंत्रण रखना और संयमित रहना भी है। अनुशासन के बिना, ज्ञान और प्रतिभा भी व्यर्थ हो सकती है। एक अनुशासित छात्र समय का सदुपयोग करना, अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना और अपनी पढ़ाई को गंभीरता से लेना जानता है।
अच्छी आदतों का विकास: सकारात्मकता की शक्ति
सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। जब विद्यार्थी जीवन कठिन हो जाता है, तो सकारात्मक सोच बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। लेकिन सकारात्मक पक्ष को देखना ज़रूरी है। अच्छी आदतें जैसे नियमित पढ़ाई, व्यायाम, अच्छा खान-पान और पर्याप्त नींद हमें सकारात्मक रहने में मदद करती हैं। अच्छी आदतें हमारे व्यक्तित्व का निर्माण करती हैं और हमें जीवन में आगे बढ़ने के लिए तैयार करती हैं।
सामाजिक और व्यक्तिगत विकास: सर्वांगीण विकास
एक छात्र का जीवन केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यार्थी जीवन हमें सामाजिक और व्यक्तिगत रूप से विकसित होने का अवसर भी देता है। खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियां और सामाजिक कार्य में भाग लेना भी महत्वपूर्ण है। यह हमें टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और जीवन के अन्य महत्वपूर्ण कौशल सिखाता है। सर्वांगीण विकास एक संतुलित और सफल जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थी जीवन एक यात्रा है, जिसमें कई उतार-चढ़ाव आते हैं। लेकिन सही प्रेरणा, कड़ी मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ, हर चुनौती को पार किया जा सकता है। यह निबंध हर उस छात्र के लिए एक प्रेरणा है जो अपने जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहता है। यह उन्हें याद दिलाता है कि सफलता कोई मंजिल नहीं, बल्कि एक यात्रा है, और हर कदम पर कुछ नया सीखने को मिलता है। इसलिए, आगे बढ़ते रहें, सपने देखते रहें और अपने प्रयासों में कभी हार न मानें। भविष्य उन लोगों का है जो अपने सपनों की सुंदरता में विश्वास करते हैं।
जय हिंद वंदे मातरम ।धन्यवाद
अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।
आपका पथ-प्रदर्शक
धर्मेन्द्र कुमार
