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— आज का प्रेरक विचार

Prayas - February 2026

   

Year - 7                            Month - February 2026                                   Issue - 74

मेरे प्यारे विद्यार्थियों और भविष्य के कर्णधारों,

आप सभी के ऊर्जावान चेहरों को देखकर मुझे न केवल गर्व हो रहा है, बल्कि भारत के एक उज्ज्वल भविष्य की झलक भी मिल रही है। स्कूल का यह दौर आपके जीवन का वह पड़ाव है जहाँ आप केवल विषय नहीं पढ़ते, बल्कि अपने चरित्र का निर्माण करते हैं।


1. सपनों की अहमियत: उड़ान की शुरुआत

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने कहा था, "सपने वो नहीं होते जो आप नींद में देखते हैं, सपने वो होते हैं जो आपको सोने नहीं देते।" मेरे दोस्तों, स्कूल की इन दीवारों के बीच बैठकर कभी यह मत सोचना कि आप छोटे हैं या आपके सपने बहुत बड़े हैं। इतिहास गवाह है कि दुनिया के हर बड़े बदलाव की शुरुआत एक छोटे से कमरे में देखे गए एक बड़े सपने से हुई थी। आपके सपने आपकी पहचान हैं। अगर आप डॉक्टर, इंजीनियर, कलाकार, खिलाड़ी या एक उद्यमी बनना चाहते हैं, तो आज से ही उस सपने को जीना शुरू करें।

2. विफलता: सफलता की पहली सीढ़ी

अक्सर हम परीक्षा के अंकों (Marks) को अपनी काबिलियत का पैमाना मान लेते हैं। लेकिन याद रखना, एक कागज का टुकड़ा आपका भविष्य तय नहीं कर सकता। विफलता से डरो मत। विफलता का मतलब हारना नहीं होता, बल्कि इसका मतलब है कि आपको एक और मौका मिला है—बेहतर तरीके से शुरुआत करने का। थॉमस एडिसन जब बल्ब बना रहे थे, तो वे हजारों बार फेल हुए। उन्होंने क्या कहा? उन्होंने कहा, "मैं फेल नहीं हुआ, मैंने बस 10,000 ऐसे तरीके खोज लिए हैं जो काम नहीं करते।"

सीख: अगर आप गिरते हैं, तो यह मायने नहीं रखता। मायने यह रखता है कि क्या आप दोबारा उठने का साहस रखते हैं?

3. अनुशासन और कड़ी मेहनत का जादू

प्रतिभा (Talent) आपको भगवान से मिलती है, लेकिन कौशल (Skill) केवल घंटों की कड़ी मेहनत और अनुशासन से आता है।

अनुशासन का मतलब खुद को कष्ट देना नहीं है, बल्कि इसका मतलब है—उस चीज़ को चुनना जिसे आप सबसे ज्यादा चाहते हैं, उस चीज़ के ऊपर जिसे आप अभी चाहते हैं। * शायद आप अभी सोना चाहते हैं, लेकिन आपका सपना पढ़ना है।

  • शायद आप अभी सोशल मीडिया चलाना चाहते हैं, लेकिन आपकी मंजिल अभ्यास करना है।

यही छोटे-छोटे चुनाव आपको भीड़ से अलग खड़ा करेंगे। याद रखें, "पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को, उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते।"

4. सोशल मीडिया और ध्यान (Focus) की चुनौती

आज के दौर में आपके पास ज्ञान का सागर (Internet) तो है, लेकिन साथ ही भटकाव (Distraction) के हजारों रास्ते भी हैं। रील और शॉर्ट्स की दुनिया में अपना कीमती समय बर्बाद न करें। यह समय आपके "Skill Set" को बनाने का है, न कि दूसरों की जिंदगी को स्क्रीन पर देखने का।

अपने ध्यान को एक लेजर की तरह तेज करें। जब आप पढ़ें, तो केवल पढ़ें। जब आप खेलें, तो केवल खेलें।


5. चरित्र और संस्कार: एक अच्छे इंसान बनें

शिक्षा का असली उद्देश्य केवल एक अच्छी नौकरी पाना नहीं है। शिक्षा का असली उद्देश्य आपको एक 'बेहतर इंसान' बनाना है।

  • अपने शिक्षकों का सम्मान करें, क्योंकि वे आपके जीवन के शिल्पकार हैं।

  • अपने माता-पिता के त्याग को समझें। उनकी आंखों में अपने लिए एक चमक देखें, बोझ नहीं।

  • अपने सहपाठियों की मदद करें। प्रतिस्पर्धा (Competition) खुद से रखें, दूसरों से ईर्ष्या (Jealousy) नहीं।

6. समय की कीमत

समय वह धन है जिसे आप कभी दोबारा नहीं कमा सकते। जो बीत गया वो कल था, जो आएगा वो भविष्य है, लेकिन जो आपके हाथ में है, वो 'आज' है।

हर सुबह जब आप उठें, तो खुद से पूछें—"आज मैं ऐसा क्या करूँगा जो मुझे मेरे सपने के एक कदम और करीब ले जाए?"

7. परीक्षा: एक उत्सव, न कि डर

जैसे ही परीक्षा की तारीखें नज़दीक आती हैं, घर का माहौल किसी युद्ध जैसा हो जाता है। "कितना पढ़ा?", "सिलेबस पूरा हुआ या नहीं?"—ये सवाल आपको डराने लगते हैं। लेकिन याद रखिए, परीक्षा आपकी याददाश्त का टेस्ट हो सकती है, आपके व्यक्तित्व का नहीं।

  • तनाव क्यों होता है? तनाव तब होता है जब हम परिणाम (Result) के बारे में सोचते हैं। हम डरते हैं कि अगर कम नंबर आए तो लोग क्या कहेंगे।

  • समाधान: आप केवल अपनी तैयारी पर ध्यान दें। यदि आपने अपना शत-प्रतिशत (100%) दिया है, तो परिणाम जो भी हो, आपको पछतावा नहीं होगा। परीक्षा को एक 'बौद्धिक चुनौती' की तरह लें, न कि जीवन-मरण का प्रश्न।

याद रखें: एक फेलियर आपको यह नहीं बताता कि आप कमज़ोर हैं, वह बस यह बताता है कि आपकी रणनीति में सुधार की ज़रूरत है।

8. करियर का चुनाव: भीड़ का हिस्सा न बनें

स्कूल खत्म होने के बाद सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—"अब आगे क्या?"। अक्सर छात्र वही रास्ता चुनते हैं जिस पर उनके दोस्त जा रहे हैं या जिस पर समाज का दबाव है।

करियर चुनते समय इन तीन बातों (IKIGAI का एक सरल रूप) पर गौर करें:

  1. आपकी रुचि (Passion): वह क्या है जिसे करते समय आप समय भूल जाते हैं?

  2. आपकी क्षमता (Skill): आप किस काम में स्वाभाविक रूप से अच्छे हैं?

  3. भविष्य की जरूरत: क्या उस क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं?

अगर आप एक बेहतरीन चित्रकार बन सकते हैं, तो एक औसत इंजीनियर बनकर आप कभी खुश नहीं रह पाएंगे। दुनिया को केवल डॉक्टरों और इंजीनियरों की ही नहीं, बल्कि लेखकों, विचारकों, वैज्ञानिकों, खिलाड़ियों और अच्छे राजनेताओं की भी ज़रूरत है। अपनी 'यूनिकनेस' (Uniqueness) को पहचानें।


9. मानसिक स्वास्थ्य: शांत मन की शक्ति

छात्र जीवन में अक्सर हम 'मानसिक सेहत' को भूल जाते हैं। तनाव और चिंता में डूबा हुआ दिमाग कभी भी अच्छी तरह से सीख नहीं सकता।

  • ब्रेक लें: लगातार घंटों पढ़ने के बजाय छोटे-छोटे ब्रेक लें।

  • नींद से समझौता न करें: एक थका हुआ दिमाग जानकारी को संचित (Store) नहीं कर सकता। 7-8 घंटे की नींद आपकी एकाग्रता को बढ़ाती है।

  • बात करें: अगर आप परेशान हैं, तो अपने शिक्षकों या माता-पिता से बात करें। अपनी चिंताओं को अंदर दबाकर न रखें।

10. हार को स्वीकार करना सीखें

आज की दुनिया बहुत प्रतिस्पर्धी (Competitive) है। हर कोई 'नंबर 1' आना चाहता है। लेकिन असल सफलता इस बात में नहीं है कि आप कभी न गिरें, बल्कि इसमें है कि गिरने के बाद आप कितनी जल्दी खड़े होते हैं। क्रिकेट के मैदान पर भी हर गेंद पर छक्का नहीं लगता, लेकिन एक अच्छा खिलाड़ी वही है जो अगली गेंद का इंतज़ार पूरे आत्मविश्वास के साथ करता है। जीवन भी वैसा ही है। एक परीक्षा खराब हुई? कोई बात नहीं। एक एंट्रेंस एग्जाम नहीं निकला? रास्ता बदलो, मंज़िल नहीं।

मेरे युवा साथियों, आप इस देश की रीढ़ की हड्डी हैं। आपके भीतर असीम ऊर्जा भरी हुई है। दुनिया आपको बताएगी कि आप यह नहीं कर सकते, परिस्थितियां आपको रोकेंगी, लेकिन आपको रुकना नहीं है।

याद रखना: "मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।"

उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। पूरा स्कूल, आपके माता-पिता और यह देश आपकी सफलता का इंतज़ार कर रहा है। जाओ और अपनी कहानी खुद लिखो!

 जय हिंद! जय भारत!

धन्यवाद

अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।

आपका पथ-प्रदर्शक 

धर्मेन्द्र कुमार