💬Thought for the Day💬

"🍃🌾🌾 "Your competitors can copy your Work, Style & Procedure. But No one can copy your Passion, Sincerity & Honesty. If you hold on to them firmly, The world is yours..!! Follow your Principles." 🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃

Welcome

 

Welcome to the new Academic Session in the school

PM SHRI Kendriya Vidyalaya Janakpuri, Delhi Region

The new academic session 2026-27 at Kendriya Vidyalaya has officially begun with great enthusiasm. Schools across the network are welcoming students back with special ceremonies, including traditional tika welcomes for some.
Key Updates for Session 2026-27
  • Admissions: Online registration for Class 1 and Balvatika (Nursery/LKG/UKG) remains a top priority, with the first provisional admission lists typically expected in early April.
  • Infrastructure: Many campuses are operating as PM SHRI Schools, focusing on "future-ready" education with smart classrooms and modern technology.
  • Activities: Students can look forward to a diverse range of activities, including OlympiadsArt & Craft exhibitions, and Fun Days held every Saturday.

prayas - April 2026 Issue - 76

   

Year - 7                                        Month - April 2026                                  Issue - 76

मेरे प्यारे विद्यार्थियों और भविष्य के कर्णधारों,

अपने भविष्य के निर्माता आप स्वयं हैं

हर सुबह जब आप स्कूल की दहलीज पर कदम रखते हैं, तो आप केवल ईंट-पत्थर की एक इमारत में नहीं जा रहे होते। आप अपने 'भविष्य' की प्रयोगशाला में प्रवेश कर रहे होते हैं। वे डेस्क, ब्लैकबोर्ड और गलियारों का शोर—ये सब वो कच्चा माल हैं जिनसे आप उस इंसान का निर्माण करेंगे जो आप कल बनने वाले हैं।

1. "अभी नहीं" की शक्ति

कक्षा 6 और उसके आगे के सफर में, आपको ऐसे विषय मिलेंगे जो किसी ऊँचे पहाड़ की तरह कठिन लगेंगे। चाहे वह गणित का कोई उलझा हुआ सवाल हो या इतिहास की कोई चुनौती, सफलता का रहस्य एक सरल वाक्य में छिपा है: "मुझे यह अभी नहीं पता है—पर मैं सीख जाऊँगा।"

बुद्धि कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो जन्म से स्थिर हो; यह एक मांसपेशी की तरह है। हर बार जब आप किसी कठिन विषय से जूझते हैं और हार मानने से इनकार कर देते हैं, तो वह मांसपेशी और मजबूत हो जाती है। असफलता कोई 'फुल स्टॉप' नहीं है; यह गहराई से समझने का एक नया रास्ता है। छोटी-मोटी गलतियों से घबराएं नहीं, क्योंकि गिरने के बाद ही हम आत्मविश्वास से चलना सीखते हैं।

2. जिज्ञासा को अपनी दिशा बनाएं

अपने आस-पास की दुनिया को उत्सुकता भरी नज़रों से देखें। इतिहास के सबसे सफल लोग—चाहे वे वैज्ञानिक हों या कलाकार—उन सब में एक बात समान थी: अटूट जिज्ञासा।

केवल परीक्षा पास करने के लिए न पढ़ें; यह समझने के लिए पढ़ें कि दुनिया कैसे काम करती है। तब तक "क्यों" पूछें जब तक आप किसी बात की जड़ तक न पहुँच जाएँ। जब आप विषयों को बोझ के बजाय दुनिया के रहस्यों को खोलने वाली 'चाबी' के रूप में देखना शुरू करेंगे, तो स्कूल जाना मजबूरी नहीं, बल्कि एक रोमांचक सफर बन जाएगा।

3. चरित्र की ताकत

माना कि ग्रेड्स और अंक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आपका चरित्र ही आपकी लंबी सफलता को तय करेगा। ईमानदारी, दयालुता और जुझारूपन (Resilience) को किसी रिपोर्ट कार्ड पर नहीं मापा जा सकता, लेकिन यही गुण आपको एक सच्चा लीडर बनाते हैं।

  • ईमानदारी: सही काम करना, तब भी जब कोई आपको देख न रहा हो।

  • दयालुता: वह इंसान बनना जो नए छात्र का स्वागत करे या किसी कमजोर सहपाठी की मदद करे।

  • जुझारूपन: कम अंक आने पर निराश होकर बैठने के बजाय, फिर से उठना और नई रणनीति के साथ कोशिश करना।

4. आपकी संगति का असर

आपकी कक्षा में बैठने वाले छात्र केवल सहपाठी नहीं हैं; वे आपका सहारा हैं। अपने आप को ऐसे लोगों से घेरें जो आपको बेहतर बनने की चुनौती दें, जो आपकी जीत पर खुश हों और जब आप उदास हों तो आपका हौसला बढ़ाएं। एक प्रेरित क्लास मिलकर वह सब हासिल कर सकती है जो शायद एक अकेला छात्र न कर पाए।

5. भविष्य का क्षितिज

अभी शायद आपको लगे कि आपकी दुनिया स्कूल की दीवारों तक ही सीमित है। लेकिन याद रखें, आज आप जो आदतें बना रहे हैं—समय पर उठना, व्यवस्थित रहना और सीखते रहना—वही आपके भविष्य के करियर और परिवार की नींव रखेंगी।

आपके पास दुनिया बदलने की ताकत है। चाहे आप बीमारियों का इलाज करना चाहते हों, नए शहर बसाना चाहते हों या ऐसी कहानियाँ लिखना चाहते हों जो लोगों के दिल छू लें—इस सब की शुरुआत आज यहीं, कक्षा 7A में, आपके एक फैसले से होती है।

आपका भविष्य का स्वरूप आज ही आपके लिए तालियाँ बजा रहा है। उसे निराश मत होने देना।

 जय हिंद! जय भारत!

धन्यवाद

अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।

आपका पथ-प्रदर्शक 

धर्मेन्द्र कुमार