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— आज का प्रेरक विचार

Prayas - May 2026

   

Year - 7                                        Month - May 2026                                  Issue - 77

मेरे प्यारे विद्यार्थियों और भविष्य के कर्णधारों,

जीवन एक सुंदर यात्रा है। इस यात्रा में हर दिन हमें कुछ नया सीखने, समझने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। विद्यार्थी जीवन इस पूरी यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है, क्योंकि यही वह समय है जब हम अपने भविष्य की नींव रखते हैं। आज जो आदतें, विचार और मेहनत आप अपनाते हैं, वही आने वाले वर्षों में आपकी पहचान बनते हैं।

आज मैं आपसे केवल पढ़ाई की बात नहीं करूँगा, बल्कि उस सोच की बात करूँगा जो किसी साधारण विद्यार्थी को असाधारण बना देती है।

बहुत बार हम अपने जीवन में कठिनाइयों से घिर जाते हैं। कभी परीक्षा का डर, कभी कम अंक आने का दुख, कभी दूसरों से तुलना, तो कभी यह चिंता कि “क्या मैं सफल हो पाऊँगा?” लेकिन याद रखिए — सफलता केवल तेज दिमाग वालों को नहीं मिलती, बल्कि उन लोगों को मिलती है जो हार मानना नहीं जानते।

एक छोटी-सी चींटी को देखिए। वह बार-बार गिरती है, लेकिन रुकती नहीं। वह हर बार उठती है और फिर कोशिश करती है। अंत में वही चींटी अपने लक्ष्य तक पहुँच जाती है। प्रकृति हमें हर दिन यह सिखाती है कि लगातार प्रयास करने वाला व्यक्ति कभी असफल नहीं होता।

विद्यार्थियों, आपके अंदर अपार शक्ति है। कभी भी खुद को कमजोर मत समझिए। दुनिया का हर महान व्यक्ति कभी न कभी एक साधारण विद्यार्थी ही था।
A. P. J. Abdul Kalam बचपन में अखबार बाँटते थे, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को छोटा होने नहीं दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और आगे चलकर भारत के “मिसाइल मैन” बने।
Swami Vivekananda ने कहा था — “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।” यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन बदल देने वाला मंत्र है।

आज का समय प्रतियोगिता का समय है। हर जगह प्रतिस्पर्धा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप डर जाएँ। तुलना करने से आत्मविश्वास कम होता है। हर विद्यार्थी की अपनी अलग क्षमता होती है। कोई पढ़ाई में अच्छा है, कोई खेल में, कोई संगीत में, कोई कला में। इसलिए कभी भी खुद को दूसरों से कम मत समझिए।

याद रखिए, सूरज और चाँद दोनों चमकते हैं, लेकिन अपने-अपने समय पर। उसी प्रकार आपकी सफलता भी सही समय पर अवश्य आएगी।

कई विद्यार्थी सोचते हैं कि केवल अच्छे अंक ही सफलता का प्रमाण हैं। अंक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जीवन में चरित्र, अनुशासन और व्यवहार उससे भी अधिक महत्वपूर्ण हैं। यदि आपके अंदर ईमानदारी, मेहनत और दूसरों के प्रति सम्मान है, तो आप जीवन में बहुत आगे जाएँगे।

अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी है। यदि आप प्रतिदिन समय पर उठते हैं, नियमित पढ़ाई करते हैं, अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहते हैं, तो धीरे-धीरे आपकी आदतें आपको सफलता की ओर ले जाएँगी। छोटी-छोटी अच्छी आदतें ही बड़े परिणाम देती हैं।

मोबाइल और सोशल मीडिया आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती बन चुके हैं। तकनीक बुरी नहीं है, लेकिन उसका गलत उपयोग हमारे समय और ध्यान को नष्ट कर देता है। सोचिए, यदि आप रोज़ दो घंटे बिना उद्देश्य मोबाइल चलाते हैं, तो एक वर्ष में कितने घंटे व्यर्थ चले जाते हैं! वही समय यदि आप किसी नई चीज़ को सीखने में लगाएँ, तो आप अपने जीवन को पूरी तरह बदल सकते हैं।

विद्यार्थियों, समय सबसे मूल्यवान धन है। खोया हुआ पैसा वापस आ सकता है, लेकिन खोया हुआ समय कभी वापस नहीं आता। इसलिए हर दिन का सही उपयोग कीजिए।
एक छोटा-सा नियम अपनाइए —
“आज का काम आज ही।”
जब आप काम को टालना बंद कर देंगे, तब सफलता आपके और करीब आने लगेगी।

असफलता से डरिए मत। असफलता कोई अंत नहीं है, बल्कि सीखने का अवसर है। यदि आप कभी परीक्षा में कम अंक ले आएँ, तो निराश मत होइए। यह केवल एक परिणाम है, आपकी पूरी पहचान नहीं।
Thomas Edison ने बल्ब बनाने से पहले हजारों बार प्रयास किया। जब उनसे पूछा गया कि वे हजार बार असफल हुए, तो उन्होंने कहा —
“मैं असफल नहीं हुआ, मैंने केवल हजार ऐसे तरीके खोजे जो काम नहीं करते।”

यह सोच ही महान लोगों को महान बनाती है।

जीवन में लक्ष्य होना बहुत आवश्यक है। जिस विद्यार्थी का कोई लक्ष्य नहीं होता, वह बिना दिशा के चलती नाव की तरह होता है। इसलिए अपने जीवन का एक उद्देश्य तय कीजिए। चाहे आप डॉक्टर बनना चाहते हों, शिक्षक, इंजीनियर, वैज्ञानिक, कलाकार या अधिकारी — अपने सपनों को स्पष्ट रखिए और उन्हें पाने के लिए पूरी मेहनत कीजिए।

लेकिन केवल सपने देखने से कुछ नहीं होता। सपनों को सच करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। रातों की नींद छोड़नी पड़ती है। आराम छोड़ना पड़ता है।
जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब सफल लोग अपने सपनों के लिए काम कर रहे होते हैं।

याद रखिए —
“मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे।”

आपके माता-पिता और शिक्षक आपके जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं। माता-पिता आपके लिए दिन-रात मेहनत करते हैं ताकि आपको बेहतर भविष्य मिल सके। उनके त्याग और प्रेम का सम्मान कीजिए। अपने शिक्षकों का आदर कीजिए, क्योंकि वे केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाते हैं।

सच्ची सफलता वही है जिसमें इंसान अच्छा व्यक्ति भी बने। यदि आप बड़े होकर केवल अमीर बन गए, लेकिन आपके अंदर दया, सम्मान और मानवता नहीं रही, तो वह सफलता अधूरी है। इसलिए हमेशा विनम्र रहिए। दूसरों की सहायता कीजिए। किसी का मज़ाक मत उड़ाइए। दूसरों को गिराकर नहीं, बल्कि साथ लेकर आगे बढ़िए।

स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितनी पढ़ाई। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है। नियमित व्यायाम कीजिए, अच्छा भोजन खाइए और पर्याप्त नींद लीजिए। यदि शरीर और मन स्वस्थ होंगे, तभी आप पूरी ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ पाएँगे।

कभी-कभी जीवन में अकेलापन, तनाव या निराशा महसूस होती है। ऐसे समय में खुद को कमजोर मत समझिए। अपने माता-पिता, मित्रों या शिक्षकों से बात कीजिए। याद रखिए, हर कठिन समय गुजर जाता है। अंधेरी रात के बाद सुबह अवश्य आती है।

अपने अंदर सकारात्मक सोच विकसित कीजिए। हर दिन खुद से कहिए —
“मैं कर सकता हूँ।”
“मैं सफल बनूँगा।”
“मैं हार नहीं मानूँगा।”

यह छोटे-छोटे वाक्य आपके आत्मविश्वास को मजबूत बनाते हैं।

प्रिय विद्यार्थियों,

आप केवल अपने परिवार की आशा नहीं हैं, बल्कि देश का भविष्य भी हैं। आने वाला भारत आपके विचारों, आपके ज्ञान और आपके चरित्र से बनेगा। इसलिए अपने जीवन को केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए भी उपयोगी बनाइए।

जब भी थक जाएँ, अपने सपनों को याद कीजिए। जब भी डर लगे, अपनी मेहनत को याद कीजिए। और जब भी हार मानने का मन करे, उन लोगों को याद कीजिए जिन्हें आप पर विश्वास है।

आपके अंदर वह शक्ति है जो पर्वतों को भी झुका सकती है। बस जरूरत है खुद पर विश्वास रखने की।

अंत में मैं आपसे केवल इतना कहना चाहता हूँ —

  • बड़े सपने देखो।

  • मेहनत से कभी मत भागो।

  • समय का सम्मान करो।

  • असफलता से मत डरो।

  • अपने माता-पिता और शिक्षकों का आदर करो।

  • और सबसे महत्वपूर्ण — कभी भी खुद पर विश्वास खो मत देना।

एक दिन ऐसा अवश्य आएगा जब आपकी मेहनत रंग लाएगी, आपके माता-पिता गर्व से मुस्कुराएँगे और दुनिया आपकी सफलता की कहानी सुनेगी।

याद रखिए —

“सफलता की राह आसान नहीं होती, लेकिन जो लोग हिम्मत और मेहनत के साथ चलते हैं, मंज़िल उन्हीं के कदम चूमती है।”

आप सभी उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ें, यही शुभकामनाएँ।

 जय हिंद! जय भारत!

धन्यवाद

अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।

आपका पथ-प्रदर्शक 

धर्मेन्द्र कुमार 

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