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Quiz on Indian History, freedom fighters & freedom struggle
JHANKRITI - 2023
Happy Independence Day 2023
YUVA TOURISM CLUB
YUVA TOURISM CLUB
Following the directions of the Hon’ble Prime Minister of India, the Ministry of Tourism intends to celebrate this year at India@75 by launching the campaign focusing on “YUVA Tourism Club” with the strategic objective of creating interest, awareness and a sense of responsibility towards our country’s natural and cultural heritage/tourism amongst children and youth.
The vision is to nurture and develop young ambassadors of Indian tourism who would become aware of tourism possibilities in India, appreciate our rich cultural heritage and develop an interest and passion for tourism. These young ambassadors would be catalysts for promoting tourism in India. Participation in Tourism Clubs is also expected to facilitate the development of soft skills like teamwork, management, and leadership besides encouraging the adoption of responsible tourism practices and concern for sustainable tourism.
C.B.S.E LETTER REGARDING
YUVA TOURISM CLUB
IN SCHOOLS AND PARTICIPATION
OF STUDENTS IN
YUVA TOURISM CLUB
ONLIINE ACTIVITIES FOR
YUVA TOURISM CLUB
Suggest a tagline for Yuva Tourism Club
Independence Day: From Slavery to Freedom
स्वतंत्रता दिवस – गुलामी से स्वतंत्रता तक
(Independence Day: From Slavery to Freedom)
15 अगस्त का दिन हमारे भारतीय लोकतंत्र और भारतीयों के लिए बहुत खास दिन है। इसी दिन हमें अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली थी, लगभग 200 वर्षों बाद हमारा देश अंग्रेजों के अत्याचार और गुलामी से 15 अगस्त सन् 1947 को पूर्ण रुप से आजाद हुआ था। यह भारतीयों के लिए बहुत खास और सुनहरा दिन होता है, और हम सभी मिलकर आजादी के इस दिन को बड़े जोश और धुमाधाम से मनाते हैं। आज हमारे देश की आजादी को 76 वर्ष हो गये हैं, पर आज भी आजादी के उन पलों को याद कर हमारी आंखें नम हो जाती हैं।
- अंग्रेजों का भारत आगमन
आज से तकरीबन 400 वर्षों पहले अंग्रेजों की ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में व्यापार करने के उद्देश्य से भारत में आयी थी। उन दिनों पाकिस्तान और बांग्लादेश भारत के ही हिस्से हुआ करते थे। अंग्रेज यहां अपने व्यापार के साथ-साथ लोगों की गरीबी, मजबूरी और उनकी कमजोरीयों को परखने लगे, और उनकी मजबूरियों का फायदा उठाने लगे।
अंग्रेजों ने धीरें-धीरें भारतीयों के मजबूरियों का लाभ उठाकर उनको गुलाम बनाकर उन पर अत्याचार करना शुरु कर दिया, और मुख्य रुप से ये गरीब और मजबूर लोगो को अपने कर्ज तले दबा देते थे। कर्ज न चुकाने पर वो उन्हें अपना गुलाम बनाकर उनपर मनमाना काम और अत्याचार करने लगे। एक-एक करके राज्यों और उनके राजाओं को अपने अधिन करते चले गए, और लगभग पुरे भारत पर अपना नियंत्रण कर लिए।
- भारतीयों पर अत्याचार
अंग्रेजों का भारत पर कब्जा करने के दौरान वे लोगों पर अत्याचार करने लगे, जैसे मनमाना लगान वसुलना, उनके खेतों और आनाजों पर कब्जा कर लेना, इत्यादि। इसके कारण यहां के लोगों को उनका बहुत अत्याचार सहना पड़ता था। जब वे इस अत्याचार का विरोध करते थे तो उन्हे गोलियों से भुन दिया जाता था जैसे कि जलियावाला कांड हुआ।
- अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ भारतीयों का गुस्सा
अंग्रेजों का भारतीयों के प्रति रवैया और उनका अत्याचार दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा था और भारतीयों में उनके प्रति गुस्सा और बदले की आग भी बढ़ती जा रही थी। अंग्रेजों के इस बर्बरता पूर्ण रवैये की आग पहली बार सन् 1857 मे मंगल पांड़े के विद्रोह के रुप में देखी गयी। मंगल पांडे के इस विद्रोह के कारण उन्हें मार दिया गया, इससे लोगों में अंग्रेजों के प्रति गुस्सा और बढ़ता गया और नए नए आंदोलनों के रुप सामने आने लगा।
- आजादी की मांग
अंग्रेजों के बढ़ते अत्याचार को लेकर लोगों में गुस्सा और अपने आजादी की मांग सामने आने लगी। जिसके कारण कई आंदोलन और अंग्रेजी सरकार के खिलाफ झड़प की घटनाएं बढ़ती रही। आजादी की मांग सबसे पहले मंगल पांडे ने 1857 में विरोध करके किया, और इस वजह से उन्हें अपनी जान गवानी पड़ी। धीरे-धीरे अंग्रेजों के अत्याचार से आजादी के मांग की आवाजें भारत के अन्य जगहों से भी आने लगी।
- स्वतंत्रता के लिए स्वतंत्रता सेनानियों का महत्वपुर्ण योगदान
भारत को अंग्रेजों के अत्याचार से आजादी दिलाने के लिए कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना बलिदान दिया है, उनमें से सबसे अतुल्य योगदान महात्मा गांधी का रहा है। भारत पर लगभग 200 वर्षो से शासन कर रहे ब्रिटिश हुकमत को गांधी जी ने सत्य और अहिंसा जैसे दो हथियारों से हारने पर मजबूर कर दिया। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को ही अपना हथियार बनाया और लोगो को भी प्रेरित किया और लोगों को इसे अपनाकर अंग्रेजो के अत्याचार के खिलाफ लड़ने के लिए कहा। देश के लोगों ने उनका भरपूर साथ दिया और आजादी मे बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। लोग उन्हे प्यार और सम्मान से बापू पुकारते थे।
- कुछ अन्य स्वतंत्रता सेनानियों का आजादी में योगदान
हालाकि स्वतंत्रता के संग्राम में पूरे हिन्दुस्तान ने ही अपने तरीके से कुछ न कुछ अवश्य योगदान दिया, किन्तु कुछ ऐसे लोग थे जिन्होंने अपने नेतृत्व, रणनीती और अपने कौशल का परिचय देते हुए आजादी में आपना योगदान किया।
महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरु, सरदार बल्लभ भाई पटेल, बाल गंगाधर तिलक जैसे कई अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने लोगों से साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। कुछ ने मुख्य रुप से सत्य और अहिंसा को अपनाकर अपनी लड़ाई को जारी रखा। वहीं दुसरी ओर कुछ ऐसे भी स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ हिंसा का रास्ता अपनाया, जिन्हें एक क्रांतिकारी का नाम दिया गया। ये क्रांतिकारी मुख्य रुप से किसी संस्था से जुड़कर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई को लड़ते रहे। मुख्य रुप से मंगल पांड़े, चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिहं, राजगुरु इत्यादि कई ऐसे क्रांतिकारी हुए जिन्होंने अपने तरीके से स्वतंत्रता में अपना योगदान दिया।
सभी के अडिग दृढ़ शक्ति और आजादी के प्रयासो ने अंग्रेजों की हुकुमत को हिला दिया, और 15 अगस्त सन् 1947 को अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबुर कर दिया। इस ऐतिहासिक दिन को ही हम संवतंत्रता दिवस के रुप मे मनाते है।
आजादी का जश्न
हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और लोगों के अथक प्रयासों और बलिदान के उपरान्त, 15 अगस्त 1947 को अंगेजों के अत्याचार और गुलामी से हमें मुक्ति मिली, तब से लेकर आज तक इस ऐतिहासिक दिन को हम आजादी के पर्व के रुप मे मनाते हैं। आजादी के इस राष्ट्रीय पर्व को देश के कोने-कोने में मनाया जाता है। सभी सरकारी, निजी संस्थानों, स्कुलों, आफिसों और बाजारों मे भी इसके जश्न की रौनक देखी जा सकती है।
स्वतंत्रता समारोह का यह जश्न दिल्ली के लाल किले पर भारत के प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को फहराया जाता है और कई अन्य सांसकृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं। इस दिन हर तरफ सभी लोग देश भक्ति के माहौल में डूबकर जश्न मनाते हैं।
15 अगस्त, एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय दिवस के रुप में जाना जाता है, और हम इस दिन को आजादी के दिन के रुप में हर वर्ष मनाते हैं। सभी सरकारी संस्थानों, स्कूलों और बाजारों में इसकी रौनक देखी जा सकती है और हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया जाता है। हर जगह चारों तरफ बस देशभक्ति की आवाजें ही सुनाई देती हैं, हम आपस में एक दुसरे से मिलकर आजादी की मुबारकबाद देते हैं और उनका मुंह मीठा कराते हैं।
A TRIBUTE TO FREEDOM FIGHTERS
Prayas - August 2023
Year - 4 Month - August 2023 Issue - 44
प्यारे बच्चों,
हम सिर्फ यहां बैठकर यह सोच सकते हैं कि भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराना कितना मुश्किल था। भारतीय 1857 से 1947 तक लड़े और इस स्वतंत्रता को पाने के लिए उन्होंने लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की जान ली। इतिहास अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाना शुरू करता है जब एक ब्रिटिश सेना के आदमी ने उनके खिलाफ आंदोलन शुरू किया। उसके बाद भारत के कई नेताओं ने भारत की स्वतंत्रता के लिए उनके खिलाफ संघर्ष किया और सिर्फ अपनी उम्र का बलिदान किया। हम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, खुदीराम बोस और चन्द्र शेखर आजाद को कभी नहीं भूल सकते जिन्होंने भारत की आजादी के लिए बहुत कम उम्र में अपने प्राणों का बलिदान दिया था। हम नेताजी और महात्मा गांधी के सबसे बड़े नाम को कैसे अनदेखा कर सकते हैं? महात्मा गांधी एक महान व्यक्ति थे जिन्होंने भारत को अहिंसा के बारे में सिखाया था। वह भारत के एकमात्र नेता थे जो अहिंसा के साथ अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने का रास्ता दिखाते हैं। और आखिरकार ब्रिटिश शासकों के खिलाफ एक लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त को वह दिन आया जब भारत को पूरी आजादी मिली। और यही भारत का स्वतंत्रता दिवस कहा जाता है।
हम बहुत खुशकिस्मत हैं कि हमारे पूर्वजों ने हमें वह जमीन दी, जहां शांति और खुशी है। जहां हम बिना किसी डर के जीवन जी सकते हैं और स्कूल जाकर एक अच्छा करियर और जीवन स्थापित कर सकते हैं। भारत प्रौद्योगिकी,शिक्षा, वित्त, रक्षा और कृषि के क्षेत्र में बहुत तेजी से विकसित हो रहा है। मुक्त भारत के बिना यह संभव नहीं हो सकता था। कुछ देशों में, भारत के पास भी परमाणु ऊर्जा है। भारत ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है और हिम्मत दिखा रहा है कि हम भी प्रत्येक क्षेत्र में दुनिया के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। हम अपने लिए सरकार का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं और हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हैं। हां हम स्वतंत्र हैं और हम अपने देश से प्यार करते हैं लेकिन यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने प्यार को साबित करें और एक भारतीय के रूप में सभी जिम्मेदारियों को पूरा करें। एक भारतीय के रूप में, हमें अपने देश में किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए ताकि हम उनके खिलाफ मिलकर लड़ सकें।
यह सिर्फ इसलिए है क्योंकि हमारे पूर्वजों ने क्रूर ब्रिटिश शासकों के साथ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। 1947 से पहले प्रत्येक भारतीय ब्रिटिश साम्राज्य का गुलाम था और यहां तक कि उनका अपने मन और शरीर पर नियंत्रण नहीं था। सभी गुलाम थे और अंग्रेजों से आदेश मिलने पर ही कुछ कर सकते थे। आज हम केवल कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं क्योंकि हमारे महान भारतीय नेताओं ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उन्होंने अपने स्वयं के जीवन की परवाह नहीं की। वे बहुत लंबे समय तक ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष करते रहे और कई सालों तक उनके खिलाफ लड़ते रहे।
बहुत खुशी के साथ, 15 अगस्त को देश में हर जगह भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। 15 अगस्त हर भारतीय नागरिक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन हम अपने उन नेताओं को याद करते हैं जो सिर्फ अपने देश के लिए अपना जीवन जीते थे और भारत को आजाद बनाया और उन्हीं की वजह से हम आजाद भारत में पैदा हुए।
ब्रिटिश शासन के दौरान, भारतीय अच्छे कपड़े नहीं पहन सकते थे, अच्छा खाना खा सकते थे, या खुद को शिक्षित नहीं कर सकते थे। ये भारतीय के लिए अत्यंत निषिद्ध थे। यहां तक कि एक भारतीय भी ब्रिटिश शासन के तहत एक सामान्य जीवन नहीं जी सकता था। हमें उन महान भारतीय नेताओं का बहुत आभारी होना चाहिए जिन्होंने हमें एक ऐसी हवा दी जो किसी भी शासन और किसी भी तानाशाही शासक से मुक्त है।
महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, अशफाकउल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद, खुदुरम बोस, बाल गंगाधर तिलक कुछ महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी हैं। ये भारत के बहुत प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी हैं जिन्होंने भारत को स्वतंत्र राष्ट्र बनाने के लिए अपनी अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी। हम कल्पना भी नहीं कर सकते कि ब्रिटिश साम्राज्य के तहत उन क्षणों से कितना डर था। हर जगह उनके नियंत्रण ने भारतीय लोगों को पसंद किया, जो जीवन खुश भी नहीं हो सकते। आजादी के बाद भारत बहुत तेजी से विकसित हो है। भारत अब एक विकसित देश बन गया है और सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में जाना जाता है। महात्मा गांधी भारत के सबसे बड़े नेता थे जिन्होंने भारत के लोगों को वह रास्ता दिखाया जहाँ कोई भी शांति और अहिंसा के साथ दुश्मन से लड़ सकता है। गांधी ने अहिंसा के साथ देश का भविष्य देखा।
आज भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम वादा करते हैं कि हम हमेशा अपने आप को शिक्षित करके और सभी को शिक्षित करके अपने देश की रक्षा करते हैं। यह हमारे नेता हैं जिन्हें हर साल याद किया जाएगा कि उन्होंने क्या किया।
"कुछ भी सोचने से कुछ नहीं बदल सकता है यदि आप कुछ भी बदलना चाहते हैं, तो आपको कड़ी मेहनत करनी होगी और आपकी कड़ी मेहनत से वह बदल जाएगा।"
जय हिंद जय भारत...
अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।
धन्यवाद
आपका पथ-प्रदर्शक
धर्मेन्द्र कुमार
पुस्तकालय अध्यक्ष
Mann ki Baat
NEP 2020
A day at the museum
INDIA'S G-20 CULTURE TRACK QUIZ
INDIA'S G-20 CULTURE TRACK QUIZ
India’s G20 Culture Track Quiz
- 10QUESTIONS
- 300
About Quiz
As part of India’s G20 Presidency, the Ministry of Culture (MoC) is leading the Culture Working Group (CWG) to shape the global agenda on culture. The culture track will focus following four priority areas:
1. Protection and Restitution of Cultural Property
2. Harnessing Living Heritage for a Sustainable Future
3. Promotion of Cultural and Creative Industries and Creative Economy
4. Leveraging Digital Technologies for the Protection and Promotion of Culture
Four meetings are planned across India for delegates and officials from G20 member countries, international organizations, and invited guest nations. In addition to the meetings, the CWG will host webinars, side events, and engage in public participation to help citizens understand India’s contribution in shaping culture at a global level.
The quiz is curated with the objective of increasing awareness about the G20 Culture Track amongst the general public.
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QUIZ - FREEDOM FIGHTERS OF INDIA (OUR HEROES)
QUIZ - FREEDOM FIGHTERS OF INDIA
(OUR HEROES)
START DATE - 17.07.2023
TO PLAY - CLICK HERE
About Quiz
A quiz on General Knowledge can be a great way to spread and increase awareness and knowledge about Indian history, Freedom struggle & Freedom Fighters etc. The importance of general knowledge spans itself beyond knowing the answers to a trivia and general knowledge quizzes.
An individual’s personality can be judged by his up to date general knowledge in different domains that makes him an intelligent person with whom everyone would like to interact and would also like to ask him for some advice. From students to professionals to business owners to homemakers to retirees, this applies to virtually everyone in all walks of life.
Terms and Conditions
1. All citizens are eligible to participate.
2. This is a timed quiz with 10 questions to be answered in 300 seconds.
3. The quiz will start once the participant clicks the ‘Start Quiz’ button.
4. Once submitted, an entry cannot be withdrawn.
5. An entrant can participate only once.
6. In unforeseen circumstances, organizers reserve the right to amend or withdraw the quiz at any time. This includes the right to amend these terms and conditions to avoid doubt.
7. The participant will abide by all the rules and regulations of participating in the quiz.
8. The organisers’ reserve all rights to disqualify or refuse the participation of any participant if they deem participation or association of any participant is detrimental to the quiz, organisers, or any partners of the competition. The registrations shall be void if the information received by the organisers is illegible, incomplete, damaged, false, or erroneous.
9. The organisers’ decision on the quiz will be final and binding. No correspondence will be entertained regarding the same.
10. These terms and conditions shall be governed by the laws of India and its territories.
11. The participant accepts and agrees to the above mentioned terms and conditions by entering the quiz.
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Awareness of Digital Security - Stay Safe Online Campaign

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