💬Thought for the Day💬

"🍃🌾🌾 "Your competitors can copy your Work, Style & Procedure. But No one can copy your Passion, Sincerity & Honesty. If you hold on to them firmly, The world is yours..!! Follow your Principles." 🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃💫🍃

KVS Split-up syllabus 2024-25

 KVS Split-up syllabus 2024-25 

(Click on the given link to download) 

KVS Split-Up Syllabus for Class I – 2024-25

KVS Split-Up Syllabus for Class II – 2024-25

KVS Split-Up Syllabus for Class III – 2024-25

  • Hindi           English                   Math                  EVS                  Computer

KVS Split-Up Syllabus for Class IV – 2024-25

  • Hindi            English                  Math                 EVS                   Computer

KVS Split-Up Syllabus for Class V – 2024-25

  • Hindi             English                 Math                  EVS                   Computer

Split-Up Syllabus KVS for Class VI {Will publish soon ……}

  • Hindi             English             Math                EVS                 Computer

KVS Split-Up Syllabus for Class VII- 2024-25

KVS Split-Up Syllabus for Class VIII-2024-25

KVS Split-Up Syllabus for Class IX- 2024-25

KVS Split-Up Syllabus for Class X- 2024-25

KVS Split-Up Syllabus for Class XI – 2024-25

KVS Split-Up Syllabus for Class XII -2024-25

Split-Up Syllabus for KVS Librarians 2024-25

Split-Up Syllabus for KVS Physical and Health Education (P&HE)

Split-Up Syllabus for KVS Work Experience Teachers

Split-Up Syllabus for KVS Art Education Teacher (TGT-ART)

Split-Up Syllabus for KVS PRT-Music

_____________________________________________________________________

PM SHRI Kendriya Vidyalaya Janakpuri, Delhi Region

Prayas - May 2024

    

Year - 4                                 Month - May 2024                                        Issue - 53

प्यारे बच्चों,

आज, मैं आपके सामने न केवल आपके शिक्षक के रूप में, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में खड़ा हूं जो आपकी अपार क्षमता और आपके इंतजार में खड़े उज्ज्वल भविष्य में विश्वास करता है। आप में से प्रत्येक के पास अद्वितीय प्रतिभाएं, सपने और आकांक्षाएं हैं। मैं यहां एक प्रेरक संदेश साझा करने के लिए आया हूं, मुझे आशा है कि यह आपको आपकी शैक्षणिक यात्रा के लिए प्रेरित करेगा।

सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, मैं चाहता हूं कि आप यह समझें कि सीखना एक आजीवन साहसिक कार्य है। यह तब नहीं रुकता जब आप इन स्कूल की दीवारों को छोड़ देते हैं या कॉलेज से स्नातक हो जाते हैं। सीखना एक सतत प्रक्रिया है, और जितना अधिक आप इसे अपनाएंगे, उतना अधिक आप आगे बढ़ेंगे और जीवन में सफल होंगे।

आपके शिक्षक के रूप में, मेरी भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि आपके भीतर एक चिंगारी, एक जिज्ञासा जगाना है जो आपको अन्वेषण, प्रश्न और नवप्रवर्तन के लिए प्रेरित करती है। याद रखें, हमारी दुनिया के महान आविष्कारक, वैज्ञानिक, लेखक और नेता कभी आपकी तरह ही छात्र थे। उन्होंने सपने देखने, अलग सोचने और यथास्थिति को चुनौती देने का साहस किया।

चुनौतियों का सामना करते हुए निराश न हों। इसके बजाय, उन्हें सीखने और बढ़ने के अवसरों के रूप में देखें। थॉमस एडिसन ने एक बार कहा था, ''मैं असफल नहीं हुआ हूं। मैंने 10,000 ऐसे तरीके खोजे हैं जो काम नहीं करेंगे।'' उनकी दृढ़ता के कारण प्रकाश बल्ब का आविष्कार हुआ, जिसने तब से दुनिया को रोशन किया है।

आपमें से हर एक में महानता हासिल करने की क्षमता है। लेकिन स्वयं पर विश्वास करना, अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखना और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। अपनी सफलता की कल्पना करें, लगन से काम करें और कड़ी मेहनत और समर्पण की शक्ति को कभी कम न आंकें।

हम जिस तेज़-तर्रार दुनिया में रहते हैं, उसमें अनुकूलनशीलता महत्वपूर्ण है। परिवर्तन और नवीनता को अपनाएं। लीक से हटकर सोचने और नए क्षितिज तलाशने से न डरें। याद रखें कि प्रगति अक्सर उन लोगों से होती है जो जोखिम लेने और अज्ञात को अपनाने का साहस करते हैं।

अंत में, हमेशा दूसरों के प्रति दयालु, दयालु और सम्मानजनक रहें। सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों के बारे में नहीं है; यह आपके आसपास के लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने के बारे में है। जीवन की यात्रा में एक दूसरे की सहायता करें और समर्थन करें।

अंत में, मैं चाहता हूँ कि आप यह जानें कि मुझे आपमें से प्रत्येक पर विश्वास है। आपमें अपने सपनों को हासिल करने और दुनिया में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की क्षमता है। इसलिए, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, हर अवसर का लाभ उठाएं और याद रखें कि आपके शिक्षक हर कदम पर आपका समर्थन करने के लिए यहां मौजूद हैं। आपका भविष्य उज्ज्वल है, और मैं उन अविश्वसनीय ऊंचाइयों को देखने के लिए इंतजार नहीं कर सकता जिन तक आप पहुंचेंगे। बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और सीखना कभी न छोड़ें। 

प्रिय विद्यार्थियो, आपके पास मौजूद सबसे शक्तिशाली उपकरणों में से एक आपका दिमाग है। आपके सोचने का तरीका आपकी वास्तविकता को आकार दे सकता है। इसलिए मैं सकारात्मक सोच के महत्व पर जोर देना चाहता हूं।

सकारात्मक सोच जीवन में चुनौतियों या कठिनाइयों को नकारने के बारे में नहीं है; यह रचनात्मक और आशावादी मानसिकता के साथ उनसे संपर्क करने के बारे में है। जब आप सकारात्मक सोचते हैं, तो आप प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए अधिक लचीले और बेहतर ढंग से सुसज्जित हो जाते हैं।

प्रत्येक दिन की शुरुआत सकारात्मक पुष्टि के साथ करें। अपनी क्षमताओं और अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। अपनी सफलता की कल्पना करें और उस दृष्टि को आपको आगे बढ़ने दें। अपने आप को सकारात्मक प्रभावों, ऐसे लोगों से घेरें जो आपका उत्थान करते हैं और आपको प्रेरित करते हैं।

याद रखें कि असफलताएँ जीवन का एक हिस्सा हैं, लेकिन वे आपके भविष्य को परिभाषित नहीं करती हैं। असफलताओं पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, उन्हें अपने लक्ष्यों के लिए सीढ़ी के रूप में उपयोग करें। सकारात्मक मानसिकता के साथ, आप न केवल बाधाओं को दूर करेंगे, बल्कि अवसरों और सफलता को भी आकर्षित करेंगे।

ऐसी दुनिया में जो लगातार विकसित हो रही है, सफलता के लिए परिवर्तन और नवाचार को अपनाना आवश्यक है। परिवर्तन डराने वाला लग सकता है, लेकिन यह विकास और प्रगति का स्रोत भी है।

एक ऐसी दुनिया की कल्पना करें जहाँ कभी कुछ नहीं बदला - यह स्थिर और नीरस होगी। लेकिन बदलाव नए अवसर, अनुभव और खोज लेकर आता है। यह सामान्य से मुक्त होकर असाधारण को तलाशने का मौका है।

छात्रों के रूप में, आपके पास स्वाभाविक रूप से जिज्ञासु और अनुकूलनीय होने का अनूठा लाभ है। अपने लाभ के लिए इन गुणों का उपयोग करें। परिवर्तन को सीखने और नवप्रवर्तन के अवसर के रूप में स्वीकार करें। नये विचारों और अनुभवों के प्रति खुले रहें।

याद रखें कि दुनिया की कई महान उपलब्धियाँ उन लोगों से मिलीं जिन्होंने अलग सोचने का साहस किया, जिन्होंने यथास्थिति को चुनौती देने का साहस किया। तो, परिवर्तन से डरो मत; इसका खुली बांहों से स्वागत करें. नवाचार को अपनाएं, और आप खुद को सफलता की उस राह पर पाएंगे जो अनंत संभावनाओं से भरी है।

 जय हिंद वंदे मातरम ।धन्यवाद

अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।

आपका पथ-प्रदर्शक 

धर्मेन्द्र कुमार 

Class 3 New Books

 

NEW BOOKS -CLASS III ( NCERT )

 


CLASS III

NEW BOOKS 

ENGLISH


HINDI


MATHS 

Dr. B.R. Ambedkar

Dr. B.R. Ambedkar Biography

Bhimrao Ramji Ambedkar, also known as Babasaheb Ambedkar is famous as the father of the Indian Constitution. He was a great activist and a social reformer who fought for the rights of Dalits and the upliftment of the socially backward class in Indian society.

Early Life and Education

B.R. Ambedkar was born on 14th April 1891 in Mhow, a small place in Western Madhya Pradesh. He belonged to the ‘untouchable’ Mahar caste. Since his grandfather and father were part of the British army, all Army personnel’s families were required to study and thus Ambedkar had the privilege to study which would otherwise have been denied to low-caste people.

Fight against Untouchability

Despite the opportunity given to all students to study, Bhimrao faced a lot of discrimination in school. They had to sit on the floor to study, teachers would not touch their notebooks, they were not allowed to drink water from the public reservoir and it soon etched into his mind that they would remain ‘untouched’.

He was very fond of reading and read everything he could lay his hands on. Bhimrao was always mocked at by teachers but he went on to get higher education and graduated in Arts. He even won a scholarship for higher studies and was sent to America. He completed his doctorate and went to London to study economics and politics. His scholarship was terminated and he had to return to Baroda. Here he worked as the Defence secretary for the state but he was often ridiculed for being of the ‘Mahar’ caste. Thus he left his job and became a teacher at Sydenham College in Mumbai. He also started a weekly journal, ‘Mooknayak’, with the help of the Maharaja of Kolhapur. The journal criticised orthodox Hindu beliefs and was a voice against discrimination.

Political Career

He earned enough money to complete his studies in London and then was appointed as a barrister in the British bar. Determined to work for the eradication of discrimination in India, he returned. He started the ‘Bahishkrit Hitkarini Sabha’ which provided education and socio-economic improvement to the backward classes. He followed the footsteps of Gandhi to fight for water sources and the right to enter temples for the untouchables. He also published a book ‘Annihilation of caste’ in which he strongly criticised the discriminative Indian society. He also published ‘Who were the Shudras?’ where he explained the formation of untouchables.

THE FATHER OF INDIAN CONSTITUTION

He earned the chair as Free India’s first law minister and the chairman of the drafting committee of the Indian Constitution. He drafted the Indian constitution in such a way as to provide Indian citizens with freedom of religion, abolish untouchability, provide rights to women and bridge the gap between various Indian classes.

Conversion to Buddhism and Death

Babasaheb converted himself to Buddhism after being inspired by their preaching. He even wrote a book ‘The Buddha and his Dhamma’. He died on December 6, 1956. His birthday is celebrated as a public holiday known as Ambedkar Jayanti.

courtesy:https://mocomi.com/dr-ambedkar-biography/

Grey Decorative Ambedkar Jayanti Greeting Mobile Video by KV JANAKPURI

Prayas - April 2024

    

Year - 4                                 Month - April 2024                                        Issue - 52

प्यारे बच्चों,

आप दुनिया में उलझ कर अपने सपने भूल जाते हो, दुनिया आप परेशान करेगी आप से कहेगी की तू कुछ नहीं कर पायेगा, आपको गिराने को कोशिश करेगी, आपसे जलेगी आपको भटकाने की कोशिश करेगी, आपके एक बार के छोटे से असफलता (Failure) को बहुत बड़ा बना के आपको चिढ़ाएगी,

आप अगर उन पर ध्यान दोगे तो आपको लगता है की आप कुछ कर पाओगे, Are You Serious??

जी नहीं आप उन पर ध्यान दोगे तो आप कुछ नहीं कर पाओगे, उन्हें नजरअंदाज करना सीखो और खुद पर विश्वास करना सीखो,  आपकी मेहनत (Hard Work) किसी न किसी जगह जरूर दिखेगी आप बस थोड़ा सब्र रखो,

आप खुद पर विश्वास रखोगे तो आप खुद उम्मीदों पर तो खड़े उतरोगे ही बल्कि आप उससे भी बेहतर कर दिखाओगे, और अभी तक आपके जीवन में दुनिया का प्रेशर (Pressure) नहीं आया है तो आप अभी सफलता के रस्ते पर हो ही नहीं,

आपके सामने जीवन में एक न एक बार वो दिन जरूर आएगा जब सारी दुनिया आपके खिलाफ हो जाएगी, आप तो बस अकेले में ही अपनी जिंदगी और मेहनत की जंग लड़ते रहना, इस दौर से बहुत ही कम लोग कुछ सीख पाते हैं,

हमें वो दिन नहीं आने देना है चाहे किसी भी हद तक जाना पड़ जाए, इसलिए आपको सारी हदें पार करके आगे बढ़ना है..

आपको पता है, लोग कंजूसी क्यों करते हैं, क्योंकि उनमें कुछ करने की काबिलियत ही नहीं होती है, इसलिए वह एक रुपए बचाने के लिए भी कंजूसी करते हैं,

आपको सफलता के द्वार में जाना है तो आपको सारी हदें पार करनी ही होगी, आपकी जो भी खराब आदते हो सारी आदतें को छोड़ना है, और आपको अच्छी आदतें अपनानी ही होगी, आप कहीं से भी कुछ भी चीज को सिखे तो आप उसे एक बार अपना कर जरूर देखो ज्यादा नहीं सिर्फ 10 दिन तो करो, लाखौं विद्यार्थियों की यही बुरी चीज है कि उन्हें ज्ञान फालतू का लगता है और कुछ लोगो को अच्छा लगता तो उन्हें अपनाना नहीं है,

विद्यार्थियों को सफलता के रस्ते पर दिन पर दिन कुछ नया करते रहना बहुत जरुरी है, और धीरे धीरे खुद को बदलना जरुरी है, पर बहुत लोग इसे नजरअंदाज करते है और एक समय के बाद सपनो को भूल के इसी जिंदगी में उलझ जाते है.. आप मेरी कुछ बातों को अपना कर देखना, 

अगर आपको अच्छा परिणाम ना मिल जाए तो बताना कोई भी आपको कुछ सीखता है सब अच्छा ही सिखाता है फिर वह आपकी सोच आपको गलत कहने पर मजबूर कर देती है, वह बात अलग है आपसे जलने बाले आपको आगे बढ़ते हुए न देख पायें,

आप स्कूल जाते हो कहते हो स्कूल में पढ़ाई नहीं होती है, आपको पढ़ना नहीं है, मुख्य कारण तो यही है कि आपको पढ़ना ही नहीं है स्कूल में तो पढ़ाई बराबर हो रही है, पर बहाने ही हमें सफलता से रोकते हैं इसलिए बहाने बनाना बंद करो.. आपकी सफलता के बीच में जो कुछ भी है, उसे तोड़ मरोड़ डालो उसे जैसे भी हो सके जल्दी छोड़ो घर की प्रॉब्लम है, घर की जिम्मेदारी है पढ़ने के इरादे से बाहर चले जाओ  वहां मेहनत (Hard Work) करो आपको रास्ते में जो भी समस्या है,

उसका समाधान जल्द ही ढूंढो क्योंकि आपके ही समाधान आपकी आने वाली जिंदगी बदल कर रख देगी फैसला आप करेंगे, आपके फैसले पर ही दुनिया टिकी है दुनिया का क्या है आज आप के खिलाफ है,

कल सफलता मिलने के आपके साथ होगी, ये आपको पता होना चाहिए,

दुनिया हमेशा अपने फैसले बदलते रहेगी सिर्फ ये याद रखना कि कहीं आपके माता पिता का एक फैसला आपको कुछ ना कर पाने की वजह न दे दे, इसलिए आज अपने समय को बर्बाद बिल्कुल मत करो कल समय भी आपका होगा,

दिन भी आपका होगा सिर्फ आज बस मेहनत (Hard Work) कर लीजिये कल सारी मुश्किलों का समाधान आपके पास होगा, आज आपको जिंतना रास्ता दिख  उतना आप पहले तय कीजिये उसके आगे का रास्ता बहा पहुँचने के बाद दिखने लगेगा।   

जिद करो और इतनी बड़ी खुद से जिद करो की तुम अपने खुद का जीने का तरीका ही बदल डालो आज तुम करोगे तो कल तुम्हें ही फायदा होगा,

सिर्फ 5 साल मेहनत करो 

आज सिर्फ तुम 5 साल मेहनत करो आगे के 50 साल आपके खुशियों से भरे होंगे वरना आज 5 साल आप मजे से जी लो और आगे के 50 साल आप मेहनत से जियो फैसला आपके हाथ में हैं,

आप आज काम तो करो ये याद रखना की आपके शुरूआती 2 साल आपको आगे और मेहनत (Hard Work) करने के लिए तैयार करेगा न कि  बेहतरीन रिजल्ट (Result) देगा, और ये 2 साल ये भी बता देंगे कि आप आगे के 3 सालों में कहा तक पहुँचने बाले हो,

दोस्तों आप से हो सके तो अपने 2 साल तो सिर्फ सीखने यानि अनुभव (Experience) पर खर्च करे क्युकि आप जितना सेखोगे उतने ही बेहतरीन परिणाम आपको देखने को मिलेंगे। 

आज आपके बीच में जो कुछ भी आएगा , आज तुम्हारे सामने जो भी समस्या आए उसे आप हटा सकते हो, मगर कल बिल्कुल भी नहीं हटा पाओगे, लोग अपनी इज्जत के लिए नए दोस्त और अपनी पहचान बनाता है पर वो पहचान आपके कुछ काम नहीं आएगी पर आपकी सफलता की पहचान आपको जिंदगी भर काम आएगी, आप फैसला लेना मगर सोच समझकर लेना,

ये 5 साल गधा मजदूरी तो हर कोई कर लेगा पर ये मेहनत उससे भी ज्यादा कठिन होती है, यह सफलता कि मेहनत (Hard Work) कुछ लोगों से ही हो पाती है, और आपको उन्हीं कुछ लोगों में अपना नाम बनाना है इसलिए

आप उठो जागो और भागो तब तक भागो जब तक आप को सफलता के रास्ते नहीं मिल जाते ,

वही सफलता के रास्ते ढूंढना है आपको वैसे तो हर काम में सफलता होती है पर काम करने के तरीके अलग होते हैं, मेहनत (Hard Work) आज आप करो कल सफलता आपको जरूर मिलेगी आप सफलता के लिए जिस हदे पार कर सकते हो,

उस हद तक जाओ आप विद्यार्थियों हो मोटिवेशनल स्पीच पढ़ो और एक आग जलाओ अपने अन्दर और निकल पड़ो, कुछ इस हद तक मेहनत (Hard Work) करो की आप आज से 5 साल बाद अगर पीछे मुड़कर देखो तो आपको इतनी ख़ुशी हो की उसका आपके पास कोई जबाब ना हो,

सफलता  के असफलता (Failure) और उसमे लगने वाली मेहनत (Hard Work) हमे उस मुकाम पर टिकना सिखाती है, जिससे सफलता की मेहनत (Hard Work) में इजाफा देखने को मिलता है,

आपको सफलता में सारी हदें पार करना है हर एक समस्या का समाधान ढूंढ़ना हैं तो मेहनत (Hard Work) करो चलिए तो Good Luck For Your Life Struggle

Happy New Session !! All the Best !!

जय हिंद जय भारत..

अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।

धन्यवाद

आपका पथ-प्रदर्शक 

धर्मेन्द्र कुमार 

14.03.2024 Career by KV JANAKPURI

prayas - March 2024

   

Year - 4                             Month - March 2024                                   Issue - 51

प्यारे बच्चों,

महान वैज्ञानिक थॉमस एडिसन के एक प्रेरक कथन -

“हमारी सबसे बड़ी कमजोरी हार मान लेना है, सफल होने का सबसे निश्चित तरीका है हमेशा एक और बार प्रयास करना”- Thomas Edison

कई छात्र ऐसे होते हैं जो मेहनत तो करते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें सफलता नहीं मिलती है, जिसकी वजह से वे निराश होकर मेहनत करना ही छोड़ देते हैं और अपनी किस्मत को दोष देने लगते हैं, लेकिन उन्हें निराश नहीं होना चाहिए बल्कि कई ऐसे सफल लोगों से सीख लेनी चाहिए।

जिन्होंने तमाम असफलता के बाद सफलता हासिल की है, क्योंकि सफलता पाने के लिए हर किसी को कड़ी मेहनत, संघर्ष और कई असफलताओं से गुजरना पड़ता है। ऐसे बेहद कम लोग होते हैं जिन्हें बिना मेहनत और संघर्ष के ही अपनी मंजिल मिल जाती है।

हर किसी के पास अपना अलग सामर्थ्य और काबिलियत होती है। कोई छात्र पढ़ाई में अव्वल होता है, तो कोई छात्र स्पोटर्स्, म्यूजिक, डांस आदि क्षेत्रों में आगे होता है, जरूरी नहीं कि आप भी अपने क्लास में टॉपर की तरह 95 फीसदी अंक लाओ तभी आपका भविष्य संवर सकता है।

बल्कि जरूरी यह है कि आप अपने अंदर की काबिलियत को समझे और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए अपने लक्ष्य का निर्धारण करें और उसे पाने के लिए खूब प्रयास करें तभी आप सफल इंसान बन सकते हैं।वहीं इस पर किसी महान व्यक्ति ने भी कहा है कि

“जहां तुम हो वहीं से शुरूआत करो, जो कुछ भी तुम्हारे पास है उसका उपयोग करो और वह करो जो तुम कर सकते हो”

कई छात्र ऐसे भी होते हैं जो सफल तो होना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए प्रयास नहीं करते और अपना काफी समय गवां देते हैं, जिसके बाद एक पल ऐसा आता है, जब उन्हें लगता है कि काश मैने भी मेहनत की होती तो आज में सफल हो जाता।

इसलिए अगर जिस काम के बारे में सोचो तो उसे करने का प्रयास जरूर करो क्योंकि वक्त निकलने में टाइम नहीं लगता और फिर जिंदगी में काश शब्द के सिवाय और कुछ नहीं बचता साथ ही प्रयत्न नहीं करने का पूरी जिंदगी भर अफसोस होता है।

इसके अलावा कई छात्र ऐसे भी होते हैं, जो किसी कॉम्पटीटिव एग्जाम या फिर कोई भी परीक्षा देने से पहले ही सोच लेते हैं कि उनका सेलेक्शन नहीं होगा, और वे इसके लिए मेहनत भी नहीं करते हैं।

इसलिए ऐसा न करें क्योंकि किसी काम को जब तक पूरी निष्ठा के साथ नहीं किया जाता, तब तक वह करना नामुमकिन लगता है और जिंदगी में सफलता नहीं मिलती हैं, वहीं इस बारे में नेल्सन मंडेला जी ने भी अपना विचार व्यक्त किया है जो कि इस प्रकार है –

“जब तक किसी काम को किया नहीं जाता तब तक वह असंभव लगता है” – Nelson Mandela

फिलहाल, हम सभी को हमने काम के प्रति ईमानदार रहना चाहिए और एक सच्चे दृढ़संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए, तभी हम अपनी जिंदगी में सफल हो सकते हैं और सफलता की नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकते हैं,वहीं इस भाषण को मैं गौतम बुद्ध के द्धारा कहे गए एक प्रेरक वाक्य के माध्यम से विराम देना चाहूंगी।

“न कभी भूतकाल के बारे मे सोचो और न ही भविष्य की चिंता करो, अपने दिमाग को सिर्फ वर्तमान में लगाओ – गौतम बुद्ध

Happy Exams!! All the Best !!

जय हिंद जय भारत..

अगले महीने कुछ और लेकर आपके सामने फिर आऊंगा ।

धन्यवाद

आपका पथ-प्रदर्शक 

धर्मेन्द्र कुमार